एक समय जो औरत घर की रसोई में अपनी ज़िंदगी की लड़ाई लड़ती थी, अब वही सत्ता के शतरंज पर चालें चल रही है। Maharani 4 दिखाता है कि कैसे रानी अपने अनुभव, ग़ुस्से और इरादे से पूरे राजनीतिक खेल को बदल देती है। इस रिव्यू में पढ़िए Total Filmy का honest analysis — कहानी, acting aur politics के हर मोड़ पर क्या नया है और क्यों ये सीरीज़ फिर से लोगों को अपनी तरफ खींच रही है।
Maharani 4 Review: क्या Maharani 4 वाकई worth watching है?
चौके चूल्हे से अपनी ज़िन्दगी की शुरुआत करने वाली रानी भारती (Humar Qureshi) , धीरे धीरे अपनी एड़ी उठाकर अपना क़द बड़ा करना सीख लेती है और अपनी चूल्हे की आग से कई बड़े राजनीतिक छत्रप को जलाना भी सीख लेती है.

Maharani Season- 4 Review
बहुचर्चित ‘ महारानी ‘ फ्रेंचायजी का चौथा सीजन अपने बड़े आसमान, बड़ी महत्वकांछा, और बड़े स्केल से शुरू होता है. अभी तक राज्य की राजनीति, जाती व्यवस्था, सोशल और क्लास स्ट्रगल में उलझी रानी भारती , अब दिल्ली यानि देश की राजनीति का हिस्सा हो जाती है.
पहले सीजन की सहमी , हिचकिचाते हुए सीखती रानी, सीजन ४ में , बेहद सधी खांटी राजनीतिज्ञ की तरह पेश आती नज़र आती है. दो बार की मुख्यमंत्री के छोटे बच्चे भी अब बड़े हो चुके हैं और एक बेटे ने अपनी आँखों से बड़े सपने भी पाल लिए हैं. माँ के नाम से वसूली , रंगदारी लेता ये बेटा , अब खुद के मुख्यमंत्री बनने का सपना भी पालने लगता है। उधर दिल्ली में प्रधानमंत्री जोशी [ विपिन शर्मा ] की मिली जुली सरकार, गठबंधन टूटने से अल्पमत में आती है और यही से जोशी और रानी भारती के बीच प्रलोभन और डर की रस्साकशी शुरू हो जाती है.
प्रधानमत्री जोशी, रानी भारती से समर्थन और देश की सरकार बचाने की अपील करते हैं और रानी के मना करने पर, रानी के खिलाफ, हत्या की फाइल खुल जाती है, कमीशन बैठ जाता है और एजेंसीज सक्रीय हो जाती है. रानी भारती अपने पहले के सीजन की तुलना में बेहद स्पष्ट , केंद्रित और पकी हुई राजनीतिज्ञ नज़र आती है. चौथे सीजन का फलक बड़ा हो गया है क्योकि राजनीति का धरातल, पिछड़े बिहार से निकल कर, देश की मुख्य धरा की राजनीति हो गया है लेकिन बेहद ख़ूबसूरती से तराशे हुए लोकल मुद्दे, पहले सीजंस के के बेहद ख़ूबसूरती से तराशे हुए किरदार, की इस सीजन में सिर्फ झलक दिखाई जाती है. दर्शको से बेहद प्यार पा रहे ये सच्चे खुरदुरे किरदार, अचानक नेपथ्य में चले जाते है और नए किरदार, अभी अपने वजूद की जेड, गहरा नहीं कर पाते.
रानी का भोलापन, कच्ची पक्की हरकतों से सीखती रानी से एकदम खुर्राट नेता होने से भी दर्शक थोड़ा हतप्रभ है. कुल मिलाकर , इस सीजन में कहानी की व्यापकता, फलक , स्केल बड़ा कर दिया है लेकिन लोकल मुद्दे, पुराने किरदार की कमी, के कारण , ये सीजन दर्शको को उस तरह नहीं लुभा पा रही जैसे पहले दूसरे सीजन के एपिसोड ने किया था।

Maharani Previous Seasons main characters
IMDb Review-7.9 Stars CLICK HERE
Aapne Maharani 4 dekhi kya? नीचे कमेंट में बताइए – रानी भारती का ये नया रूप आपको कैसा लगा?
Discover more from Total Filmy
Subscribe to get the latest posts sent to your email.