एक नया पॉडकास्ट जो वायरल ट्रेंड्स से आगे, असली सवालों की तलाश में है- हम लेके आये है आज ऐसे ही एक नए पॉडकास्ट और उसको होस्ट करने वाली शख्सियत के बारे में कुछ अनकही बातें जो आपको नहीं पता होंगी
डिजिटल युग में जहाँ हर कोई वायरल होने की होड़ में है, वहीं कुछ आवाज़ें ऐसी भी हैं जो शोर से दूर, सच के करीब जाने की कोशिश करती हैं। अगर आप उन श्रोताओं में से हैं जो सिर्फ़ सुनना नहीं, बल्कि सोचना भी पसंद करते हैं, तो “Beyond the Frame with Avinash Tripathi” आपके लिए एक ज़रूरी पड़ाव बनने वाला है।
तीन दशक से भारतीय मीडिया और सिनेमा जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके अविनाश त्रिपाठी—जो न सिर्फ़ एक सफल फ़िल्ममेकर, पत्रकार, लेखक , गीतकार और फ़िल्म समीक्षक हैं, बल्कि राजस्थान पत्रिका के “तीसरा पहलू” कॉलम के लोकप्रिय स्तंभकार भी हैं—अब अपने नए पॉडकास्ट के ज़रिए एक नया संवाद शुरू कर रहे हैं। अविनाश त्रिपाठी ने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन के प्रोग्राम दृष्टि के एंकर के रूप में की, जिसमे उन्होंने सब बड़े बड़े राजनेताओं का इंटरव्यू किया जिनमे राजनाथ सिंह जी भी शामिल है. अविनाश मशहूर टीवी क्राइम बेस्ड प्रोग्राम आँखों देखी के ब्यूरो चीफ भी रहे है. अविनाश एक प्रसिद्द विश्वविद्यालय में लगभग एक दशक तक सिनेमा के प्रोफेसर भी रहे है | अविनाश बहुत से राष्अंट्तरीय और र्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स के जूरी मेम्बर भी है. पिछले काफी सालों से अविनाश एक मुहीम पे काम कर रहे है जिसमे की वो स्कूलों में विद्यार्थियों को सिनेमा पढ़ाने की वकालत भी कर रहे है, क्योंकि आजकल का युवा फिल्म्स से बहोत कुछ सीख रहा है, जो की अच्छा भी है और कई बार उसके दुष्परिणाम भी हमे नज़र आते रहे हैं.
Beyond the Frame with Avinash Tripathi एक ऐसा Hindi podcast है जो शोर से परे, विचारों की गहराई में उतरता है…
“Beyond the Frame” उन पॉडकास्ट्स में से नहीं है जो आपको instant gratification दें। यह उन लोगों के लिए है जो:
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- Clickbait की जगह Context को तरजीह देते हैं
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- Opinion की जगह Conversation चाहते हैं
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- Trends की जगह Thought को महत्व देते हैं
750+ डॉक्यूमेंट्रीज़ और शॉर्ट फ़िल्म्स बना चुके अविनाश त्रिपाठी का यह पॉडकास्ट उन मुद्दों पर बात करता है जो कैमरे के फ्रेम में नहीं आते, लेकिन समाज के लिए उतने ही ज़रूरी हैं। यहाँ संवाद सतही नहीं, गहरे हैं। सवाल आसान नहीं, दुस्साहसी हैं। और सच अक्सर वहीं नज़र आता है—फ्रेम के बाहर।

क्यों ख़ास है यह पॉडकास्ट?
1. स्पष्ट सोच, संतुलित दृष्टि
जहाँ आज की मीडिया polarization और sensationalism की शिकार है, वहीं “Beyond the Frame” एक संतुलित, विचारशील दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
2. असहज सवाल, ज़िम्मेदार बातचीत
यह पॉडकास्ट उन सवालों को पूछने से नहीं डरता जो popular narrative को चुनौती देते हैं। यहाँ बातें तालियों के लिए नहीं, समझ के लिए होती हैं।
3. आपके वक़्त की कीमत
हर episode इस विश्वास के साथ तैयार किया गया है कि आपका समय अनमोल है। यहाँ हर बातचीत से आपको समझ, प्रेरणा, हौसला या समाधान मिलेगा—बस खोखला मनोरंजन नहीं।
अविनाश त्रिपाठी: एक बहुआयामी व्यक्तित्व
एमिटी यूनिवर्सिटी में लगभग एक दशक तक सिनेमा और मीडिया स्टडीज़ पढ़ा चुके अविनाश त्रिपाठी की पत्रकारिता यात्रा दूरदर्शन से शुरू हुई थी। आज वे न सिर्फ़ विभिन्न न्यूज़ चैनलों पर एक प्रमुख TV panelist हैं, बल्कि अनेक फ़िल्म फेस्टिवल्स में जूरी मेंबर के रूप में भी अपनी साख रखते हैं।
उनकी अनूठी शैली—जो academic depth को storytelling की संवेदनशीलता के साथ मिलाती है—अब “Beyond the Frame” के ज़रिए एक नए medium में व्यक्त हो रही है।
किसके लिए है यह पॉडकास्ट?
अगर आप:
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- सिनेमा और मीडिया को सिर्फ़ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज का दर्पण मानते हैं
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- Popular opinions से आगे जाकर सोचना पसंद करते हैं
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- Superficial content से ऊब चुके हैं और कुछ substantive चाहते हैं
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- Hindi podcasting में quality content की तलाश में हैं
…तो यह पॉडकास्ट बिलकुल आपके लिए है।
एक ऐसे दौर में जहाँ algorithms हमें वही दिखाते हैं जो हम देखना चाहते हैं, “Beyond the Frame” आपको वो दिखाता है जो आपको देखना चाहिए ।
यह पॉडकास्ट एक reminder है कि हर ज़रूरी बात तालियों के लिए नहीं होती, और हर सच कैमरे में नहीं समाता।
क्योंकि कुछ कहानियाँ वायरल होने के लिए नहीं, समझने के लिए गढ़ी जाती हैं।
“Beyond the Frame with Avinash Tripathi” जल्दी ही आपको YouTube पे उपलब्ध होने वाला ।
No Noise. Just Clarity.
Follow “Beyond the Frame with Avinash Tripathi”
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